
इस पूजा के बारे में
उदकशांति महाराष्ट्रीय घरों में रखी जाने वाली शांति विधि है, जिसमें जल ही कर्म के केंद्र में है। कलश भरा जाता है, और उस जल पर पुरुष सूक्त, रुद्र मंत्र तथा उसके लिए कहे गए शांति सूक्त बोले जाते हैं।
वह जल फिर परिवार के सदस्यों पर और घर के कमरों में छिड़का जाता है — विधि का यही हिस्सा है जिसके लिए पूरा घर इकट्ठा होता है।
यह नाशिक में परिवार के अपने घर पर होती है, और अक्सर उसी सुबह जिस दिन वास्तु शांति या सत्यनारायण पूजन हो।
परिवार यह कब कराते हैं
- परिवार में शादी या जनेऊ संस्कार से पहले।
- नए घर में जाने से पहले।
- उसी सुबह रखी गई वास्तु शांति या सत्यनारायण पूजन के साथ।
उस दिन
घर के मुखिया के नाम से संकल्प, फिर गणेश पूजन और पुण्याहवाचन।
कलश स्थापना, और जल पर सूक्त।
वह जल परिवार पर और कमरों में छिड़का जाता है, फिर आरती और प्रसाद।
आने से पहले
क्या लाना है और क्या पहनना है
- घर के मुखिया का नाम और गोत्र
- नाशिक में पूरा पता, और सुबह का वह समय जो घर के लोगों को ठीक लगे
- घर में ताँबे या पीतल का साफ कलश हो तो वह; न हो तो लाया जाता है
आम सवाल
क्या यह किसी दूसरी पूजा के साथ उसी सुबह हो सकती है?
हाँ। परिवार अक्सर इसे वास्तु शांति या सत्यनारायण पूजन के साथ रखते हैं, और दोनों एक ही बैठक में एक के बाद एक की जाती हैं। दिन तय करते समय यह बता दें।
किसका होना जरूरी है?
संकल्प के लिए घर के मुखिया बैठते हैं, और अंत में छिड़काव के समय घर पर जो सदस्य हों वे खड़े रहते हैं। किसी को कहीं जाना नहीं पड़ता — विधि आपके पते पर होती है।
- अवधि
- लगभग २ घंटे, आपके घर पर
- मुहूर्त
- तारीखें WhatsApp पर
- दक्षिणा
- WhatsApp पर पूछें
कॉल बैक के लिए कहें
अपनी जानकारी भेज दें। पंडित जी आपकी तारीख का मुहूर्त और दक्षिणा बताने के लिए फोन कर लेंगे।
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