
इस पूजा के बारे में
काल सर्प वह योग है जो जन्म पत्रिका में तब पढ़ा जाता है जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। उसके लिए रखी गई शांति विधि उन कर्मों में से एक है जो परिवार बहुत समय से त्र्यंबकेश्वर लाते आए हैं।
इसमें नाग पूजन होता है। चाँदी या ताँबे की सर्प प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराकर पूजा जाता है और उस पर रुद्र पाठ बोला जाता है; उससे पहले मंडल पर नौ ग्रहों का पूजन होता है।
परिवार इसके लिए त्र्यंबकेश्वर आते हैं क्योंकि यहाँ का मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसी के पास गोदावरी का उगम है। विधि का क्रम यहाँ के पुरोहितों की पद्धति के अनुसार चलता है।
परिवार यह कब कराते हैं
- जब ज्योतिषी ने जन्म पत्रिका में काल सर्प योग पढ़कर शांति करने को कहा हो।
- घर में शादी, नया घर या कोई बड़ा काम शुरू होने से पहले।
- नाग पंचमी पर, अमावस्या पर, या पुरोहित के साथ चुनी गई किसी दूसरी तिथि पर।
उस दिन
घाट पर स्नान, फिर आपके नाम और गोत्र से संकल्प।
गणेश पूजन और नवग्रह पूजन, फिर रुद्र पाठ के साथ नाग प्रतिमा का अभिषेक।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में अभिषेक, फिर आरती और प्रसाद।
आने से पहले
क्या लाना है और क्या पहनना है
- विधि के लिए बैठने वाले व्यक्ति का पूरा नाम, और जन्म की तारीख, समय तथा स्थान
- स्नान के बाद बदलने के लिए सूखे कपड़े
- व्यक्ति विवाहित हो तो पति या पत्नी भी साथ
आम सवाल
इस पूजा के लिए कौन बैठता है?
जिसकी पत्रिका में यह योग है वही व्यक्ति, और विवाहित हो तो साथ में पति या पत्नी। परिवार के बाकी लोग पास बैठ सकते हैं या बस उपस्थित रह सकते हैं।
छपी हुई जन्म पत्रिका चाहिए?
शुरू करने के लिए जन्म की तारीख, समय और स्थान काफी है। पत्रिका हो तो दिन तय होने से पहले उसका फोटो WhatsApp पर भेज दें।
- अवधि
- एक दिन, लगभग ४ घंटे
- मुहूर्त
- तारीखें WhatsApp पर
- दक्षिणा
- WhatsApp पर पूछें
कॉल बैक के लिए कहें
अपनी जानकारी भेज दें। पंडित जी आपकी तारीख का मुहूर्त और दक्षिणा बताने के लिए फोन कर लेंगे।
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