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पंडित चंद्रकांत उपाध्याय गुरुजीत्र्यंबकेश्वर · नाशिक
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त्र्यंबकेश्वर · नाशिक

पितृ दोष निवारण पूजा

इस पूजा के बारे में

पितृ दोष पत्रिका में तब पढ़ा जाता है जब ग्रहों से यह समझा जाता है कि परिवार के बड़ों के लिए जो कर्म करने थे वे अधूरे रह गए हैं। उसके लिए रखी गई विधि उन्हीं बड़ों के नाम से की जाने वाली शांति है।

यह नदी के घाट पर होती है। तिल, जल और दर्भ से तर्पण किया जाता है और दर्भ के आसन पर पिंड दान रखा जाता है, और संकल्प उन सब नामों से बोला जाता है जो परिवार जुटा सके।

परिवार इसे त्र्यंबकेश्वर लाते हैं क्योंकि गोदावरी का उगम यहीं है और यहाँ के पितृ कर्म की अपनी पद्धति है, जिसे पुरोहित निभाते हैं।

परिवार यह कब कराते हैं

  • पितृ पक्ष में, जो पखवाड़ा पितरों के लिए रखा गया है।
  • अमावस्या पर, और खास तौर पर सर्व पितृ अमावस्या पर।
  • जब ज्योतिषी ने पत्रिका में पितृ दोष पढ़कर यह विधि करने को कहा हो।
  • जब परिवार को मालूम हो कि किसी बड़े का श्राद्ध कभी नहीं हुआ।

उस दिन

  1. घाट पर स्नान, फिर गणेश पूजन और पुण्याहवाचन।

  2. बड़ों के नामों से संकल्प, फिर तिल, जल और दर्भ से तर्पण।

  3. दर्भ के आसन पर पिंड दान, फिर दान और समाप्ति की आरती।

आने से पहले

क्या लाना है और क्या पहनना है

  • जिन दिवंगत बड़ों के नाम से संकल्प बोलना है, उनके नाम
  • बदलने के लिए सफेद या हल्के रंग की धोती, या सादी साड़ी
  • परिवार का गोत्र, घर में किसी को मालूम हो तो

आम सवाल

हमें मृत्यु की ठीक तिथि मालूम नहीं है। तब भी हो सकती है?

हाँ। जहाँ तिथि मालूम न हो, वहाँ अमावस्या या पितृ पक्ष का कोई दिन चुना जाता है। दिन फोन पर तय हो सकता है।

परिवार में किसे बैठना चाहिए?

आम तौर पर बड़ा बेटा; वह न आ सके तो दूसरा बेटा, पोता या परिवार का कोई नज़दीकी सदस्य। गुरुजी को अपनी स्थिति बता दें, वे बता देंगे कि विधि में क्या चलता है।

अवधि
एक दिन, ३ से ४ घंटे
मुहूर्त
तारीखें WhatsApp पर
दक्षिणा
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कॉल बैक के लिए कहें

अपनी जानकारी भेज दें। पंडित जी आपकी तारीख का मुहूर्त और दक्षिणा बताने के लिए फोन कर लेंगे।

आपकी जानकारी केवल पंडित जी को ईमेल से जाती है, जिससे वे आपको फोन कर सकें।

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