गुरुजी के बारे में
नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के पुरोहित · १५ साल से पूजा

पंडित चंद्रकांत उपाध्याय गुरुजी नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में वैदिक पूजा कराते हैं। पंद्रह साल से वे पूजा कर रहे हैं — नाशिक और आसपास के घरों के लिए, और दूसरे राज्यों से आने वाले परिवारों के लिए भी।
ज्यादातर काम वही शांति और पितृ विधियाँ हैं जिनके लिए परिवार त्र्यंबकेश्वर आते हैं। साथ में घर पर होने वाली पूजा भी — नए घर की वास्तु शांति, नवग्रह शांति, रुद्राभिषेक, या परिवार कहे तो देवी अनुष्ठान।
दिन से पहले वे बता देते हैं कि कौन सी विधि होगी, लगभग कितना समय लगेगा, कौन सा सामान चाहिए और संकल्प के लिए किसे बैठना है — जिससे उस सुबह कुछ भी तय करना न पड़े। उसके बाद विधि उसी क्रम में होती है जो पद्धति में दिया है, उन्हीं मंत्रों और अर्पणों के साथ।
गुरुजी हिंदी और मराठी बोलते हैं, और पूजा चलते-चलते हर चरण का अर्थ बताते जाते हैं — परिवार को बिना समझे बैठा नहीं रहने देते।
संक्षेप में
गुरुजी एक नज़र में
- अनुभव
- पंद्रह साल
- भाषाएँ
- हिंदी, मराठी
- पूजा कहाँ होती हैं
- त्र्यंबकेश्वर में — पितृ कर्म और शांति विधियाँ, घाट पर और मंदिर में
- नाशिक और आसपास के गाँवों में परिवार के अपने घर, फ्लैट, दुकान या ऑफिस पर
- नाशिक या त्र्यंबकेश्वर के हॉल में — उस यज्ञ के लिए जिसमें हवन कुंड और कई पुरोहितों की जगह चाहिए