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पंडित चंद्रकांत उपाध्याय गुरुजीत्र्यंबकेश्वर · नाशिक
सभी पूजा

त्र्यंबकेश्वर · नाशिक

सत्यनारायण पूजा

इस पूजा के बारे में

सत्यनारायण पूजन भगवान सत्यनारायण के लिए रखी गई घर की विधि है — जो विष्णु का ही एक रूप हैं। चौरंग लगाया जाता है, कलश स्थापित होता है, और कथा पाँच अध्यायों में पढ़ी जाती है, जिसमें परिवार पूरे समय बैठा रहता है।

अंत में शिरा बनाकर आए हुए सब लोगों में प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है। महाराष्ट्रीय घरों में सबसे ज्यादा रखी जाने वाली पूजाओं में यह एक है।

यह नाशिक में परिवार के घर, फ्लैट, दुकान या ऑफिस पर होती है। इसके लिए किसी को कहीं जाना नहीं पड़ता।

परिवार यह कब कराते हैं

  • पूर्णिमा को, और खास तौर पर कार्तिक या वैशाख पूर्णिमा को।
  • शादी के बाद, या नया घर अथवा नई दुकान शुरू होने पर।
  • परिवार ने जो संकल्प रखा हो, उसके रूप में।

उस दिन

  1. आपके पते पर संकल्प और गणेश पूजन, फिर कलश स्थापना।

  2. भगवान सत्यनारायण की स्थापना, फिर कथा पाँच अध्यायों में।

  3. परिवार चाहे तो हवन, फिर आरती और शिरे का प्रसाद।

आने से पहले

क्या लाना है और क्या पहनना है

  • पति-पत्नी का, या जो संकल्प के लिए बैठे उसका नाम और गोत्र
  • नाशिक में पूरा पता और शुरू करने का समय जो आप चाहें
  • WhatsApp पर भेजी गई सूची का सामान और शिरे का सामान, या कह दें तो व्यवस्था करा दी जाती है

आम सवाल

इसके लिए कोई खास दिन चाहिए?

परिवार सबसे ज्यादा पूर्णिमा को रखते हैं, और खास तौर पर कार्तिक तथा वैशाख पूर्णिमा को। दूसरे दिनों में भी होती है, और उपयुक्त समय WhatsApp पर तय हो सकता है।

इसमें कितने लोग बैठ सकते हैं?

संकल्प के लिए पति-पत्नी, या घर के मुखिया बैठते हैं, और कथा के लिए परिवार के बाकी लोग तथा मेहमान। कितने लोग आएँगे यह गुरुजी को लगभग बता दें, जिससे बैठने की जगह और प्रसाद की योजना बन सके।

अवधि
२ से ३ घंटे, आपके घर पर
मुहूर्त
तारीखें WhatsApp पर
दक्षिणा
WhatsApp पर पूछें

कॉल बैक के लिए कहें

अपनी जानकारी भेज दें। पंडित जी आपकी तारीख का मुहूर्त और दक्षिणा बताने के लिए फोन कर लेंगे।

आपकी जानकारी केवल पंडित जी को ईमेल से जाती है, जिससे वे आपको फोन कर सकें।

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