
इस पूजा के बारे में
नवग्रह शांति नौ ग्रहों का पूजन है — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — जो उनके लिए बनाए गए मंडल पर एक साथ पूजे जाते हैं।
हर ग्रह का अपना मंत्र, अपनी समिधा और अपना अन्न है। जाप और हवन में उसी ग्रह की चीज़ें लगती हैं जिसकी ओर पत्रिका इशारा करती है — इसीलिए जन्म का विवरण पहले से माँगा जाता है।
जब परिवार किसी दूसरी विधि के लिए पहले से त्र्यंबकेश्वर में हो तो यह वहीं होती है, और अकेले रखी जाए तो नाशिक में परिवार के अपने घर पर।
परिवार यह कब कराते हैं
- जब ज्योतिषी ने पत्रिका देखकर किसी एक ग्रह की शांति करने को कहा हो।
- महादशा या अंतर्दशा शुरू होने पर।
- शादी, जनेऊ संस्कार, या नए घर में जाने से पहले।
उस दिन
संकल्प और गणेश पूजन, फिर कलश स्थापना।
नवग्रह मंडल बनाया जाता है, और उस पर नौ ग्रहों का पूजन।
पत्रिका जिस ग्रह को दिखाती है उसका जाप और हवन, फिर आरती और दान।
आने से पहले
क्या लाना है और क्या पहनना है
- बैठने वाले व्यक्ति का नाम, और जन्म की तारीख, समय तथा स्थान
- जन्म पत्रिका, अगर परिवार के पास हो
- बदलने के लिए साफ कपड़े
आम सवाल
क्या सिर्फ एक ग्रह की पूजा हो सकती है?
परिवार अक्सर एक ही ग्रह की शांति कहते हैं। मंडल पर नौ ग्रहों का पूजन तब भी होता है, और जाप उसी एक ग्रह का किया जाता है।
जन्म का समय ठीक मालूम न हो तो?
अंदाज़ का समय भेज दें और यह बता दें कि अंदाज़ है। गुरुजी बता देंगे कि उस आधार पर विधि हो सकती है या नहीं।
- अवधि
- एक दिन, ३ से ४ घंटे
- मुहूर्त
- तारीखें WhatsApp पर
- दक्षिणा
- WhatsApp पर पूछें
कॉल बैक के लिए कहें
अपनी जानकारी भेज दें। पंडित जी आपकी तारीख का मुहूर्त और दक्षिणा बताने के लिए फोन कर लेंगे।
ये भी की जाती हैं
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